नई दिल्ली। ..सारी दुनिया का बोझ हम उठाते है, लोग आते हैं.लोग जाते हैं..और हम यू ही खड़े रह जाते हैं.। जी हां, फिल्म कुली में इस गाने के साथ सुपर स्टार अमिताभ बच्चन ने कुलियों को नायक के तौर पर पेश किया था। आज दशक बाद मंगलवार को रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव ने कुलियों को बोझ उठाने से निजात दिलाने का रास्ता भी खोल दिया।
रेलमंत्री ने आज लोकसभा में रेलवे बजट पेश करते हुए लाइसेंसधारी कुलियों की गैंगमैन के पद पर नियुक्ति के अवसरों की रेल को हरी झंडी दिखा कर उनकी पीड़ा को कम करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में गैंगमैनों के प्रमोशन से उनके जो पद रिक्त होंगे उन्हें लाइसेंस धारी कुलियों से भरा जाएगा। उन्हें रेलवे में चतुर्थ श्रेणी के अन्य पदों पर भी रखा जाएगा। रेलमंत्री ने कहा कि उनके मंत्रालय ने कुलियों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी कर दी है। उन्होंने कहा कि अक्सर कुलियों का काम अनुसूचित जाति, जनजाति और समाज के कमजोर वर्ग के लोग करते हैं और उन्हें रेलवे के विकास के फल खाने का पूरा हक है। अभी तक देश के रेलवे स्टेशनों पर लालवर्दी धारी लोग बचपन से बोझ उठाना शुरू करते थे और बुढ़ापे तक कमर तोड़ कर जीवन को बोझ बनाते हुए अपनी लीला समाप्त करने को मजबूर थे। लेकिन इस बार के रेल बजट ने उनके कंधे पर लदे वजन को हटाने का सपना पेश किया गया है।
रेलमंत्री की इस घोषणा का नई दिल्ली रेलवे स्टेशन समेत देश के कई स्टेशनों पर जमा कुलियों ने उल्लास के साथ स्वागत किया। कुलियों की भीड़ जगह-जगह लालू यादव जिंदाबाद के लगा रही है।
मंगलवार, 26 फ़रवरी 2008
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